🌦 बारिश की बूंदें 💦-स्मिता शंकर

🌦 बारिश की बूंदें 💦

धरा की गोद में सुलग रही बूंदों की छाया,
आकर्षित कर रही है , मनमोहक माया।
बारिश की बौछार में, संगीत गूंजता है,
हर इंसान गुनगुनाने पर मजबूर हो जाता है।

बूंदों का खेल है ये, ज़मीन पर रंग लेते हैं,
फूलों की भरमार है ये, प्यार से झूल जाते हैं।
उमंग भरी बारिश है, हर दिल को खुशी देती है,
गर्मी की आग बुझा कर, तरंगों को बहा देती है।

पत्तों की तरह जो गिरें, वो सपने सजा देती हैं,
बारिश की ये बूंदें, अपने आँसू छलका देती हैं।
मन की गहराइयों में जो चुभती है ये बूंदें,
बारिश की धुन में मस्ती बिखेरती है ये बूंदे।

बारिश का मौसम जीवन को नई उमंग देता है,
चिंताओं को मिटा कर, मन को सुकून देता है।
बारिश की बूंदों से खेतों में उपजे है सोना,
छोड़ दो अपने सारे गम ,अब काहे का रोना।

हर प्राणी के जीवन का आधार है ये बूंदे,
किसानों के लिए खुशी का पैगाम है ये बूंदे।
प्रकृति की ओर से आया यह अनमोल तोहफा,
विश्वास जगाता , उमंग और खुशियां महकाता।

मिट जाए सभी गम बारिश की बूंदों में बह कर
खिल जाए खुशियां बारिश की बूंदों में घुलकर।
जीवन के गम और थकान को बारिश में बहा दो ,
नयी खुशियों की बौछार को जीवन में सजा दो।

स्मिता शंकर
असिस्टेंट प्रोफेसर,हिन्दी विभाग
बंगलोर -560045

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